المثقف - ترجمات ادبية

إفتخار

khairi-hamdanترجمة لنصوص الشاعر البلغاري

بالمي رانتشيف

 


 

إفتخار / ترجمة خيري حمدان

 

بالمي رانتشيف شاعر في منتهى الحساسية، ويتصّف شعره بقدرة كبيرة على فرض حضوره بمصداقية إيحائية، وبالرغم من أنّ شخوص قصائده تتّسم بواقعية مفيضة، لكنّها لا تخضع للأطر التقليدية، وقد يعود الفضل في هذا الأسلوب لطريقة حياة بالمي وسيرته. وبالمناسبة أخبرني الشاعر بأنّه أمضى فترات مختلفة من حياته في العديد من الدول العربية، تونس ومصر والعراق وغيرها، وبدا كأنّه على موعد مع هذه الترجمة. ولد الشاعر بالمي رانتشيف في العاصمة صوفيا بتاريخ 9 فبراير 1950، وتمكّن من نيل بطولة الملاكمة في المباريات الوطنية لمنتخب الشباب عام 1966، وحاز على المرتبة الثالثة للمحترفين عام 1969، أنهى دراسته العليا في قسم الملاكمة في معهد الرياضة العالي، وأصبح مدرّبًا وطنيًا حين بلغ الثلاثين من العمر، كما قام بتدريب الفريق الوطني العراقي للملاكمة قبل معركة "عاصمة الصحراء". وبالرغم من سيرته الرياضية إلا أنّه يكتب الشعر والقصّة والرواية، وعضو في اتحاد الكتّاب البلغار واتحاد الملاكمين. كما حاز على جوائز عديدة في مجال الشعر والأدب، وصدرت له بضعة دواوين شعرية. القصائد المترجمة من ديوانه الأخير "في شقّ الأفق". يعتبر بالمي رانتشيف من الشعراء القلائل الذين وفقوا ما بين رياضة عنيفة كالملاكمة والأدب، وليس مصادفة أن اسمه "بالمي" مشتقّ من النخيل في اللغات الغربية.  

  

НАВЛИЗАНЕ

Усещам вкуса на Канела, на неузрял орех,

На потъване в устни – и отново същия вкус.

Вече ровя в чекмедже, навивам случаен конец,

Бавно го размотавам. Гледам разсеяно,

После се промъквам. И ще стигна донякъде,

Щом вече съм навлязъл, толкова навътре.

 

ولـــوج

أستشعرُ طعمَ القرفة، والجوزِ الأخضر،

وحينَ أغوصُ في شفتيك، أستشعرُ الطعم ذاتَه.

أتحرّى الآن فحوى الدولاب، ألفّ خيطًا عشوائيًا،

أفكّه ببطء، نظراتي ساهمة،

وبعدها أدلف، سأصل إلى مكانٍ ما،

ما دمتُ قد ولجت، إلى هذا الحدّ إلى الداخل.

 

ИЗКУШЕНИЕ

Погалих те. И знаех,

че ще бъдеш моя.

Сграбчих те. И те заболя.

Но знаех, че ще бъдеш моя.

И двата пъти се усмихна.

Всичко ми позволяваше.

Можех да те убия с оправдание,

че така си пожелала.

 

غوايـــــــة

داعبتكِ وكنتُ أعرفُ،

بأنّي سأمتلكُكِ

اختطفتك، آلمك ذلك.

لكنّي على علم، بأنّي سأمتلكُكِ.

 

وفي كلتا المرتين ابتسمتِ

تسمحين لي بكلّ شيء،

كان بإمكاني قتلك، متذرّعًا

بإرادتكِ.

 

СРЕДНОЩЕН ЧОВЕК

Искам да се събудя. Да се спася от гласовете.

Обвиняват ме за всичко лошо на света.

И аз не им оставам длъжен. Накрая

отварям очи за по-обикновен живот.

Видях човек. Погледите ни се срещнаха.

Непознатият забърза. Ей, приятел, чакай.

Чакай! Нека поговорим. Няма страшно.

Даже ако се посбием. Боят ще е разговор.

Нещо ще си кажем. Думи?... Думи също.

Ще се разберем. Полицай! Откъде се появи!

Палка, белезници, униформа. Стой далеко.

И не се намесвай. Направи се на разсеян.

Ние сме добри. Добри сме. Само разговаряме.

Виж, луната заслужава твоето внимание.

Свети криминално. И убива. Бавно ни убива.

Докато зад облак някакъв изчезне.

 

شخصُ منتصفِ الليل

أريد أن أستيقظ، لأحتمي من الأصوات.

يتهموني بكلّ مصائب الدنيا.

وأنا في نهاية المطاف، لا أقف محاديًا،

فتحتُ عينيّ لحياة أكثر اعتيادية.

 

رأيتُ شخصًا، التقت أعيننا.

الغريبُ سارع الخُطى، هيه، انتظر يا صديقي.

انتظر دعنا نتحدّث، لا يوجد ما تخشاه،

حتّى وإن تعاركنا، فإنّ العراك محادثة.

 

سنقول شيئًا ما. كلمات؟.. كلماتٌ أيضًا.

سنتفاهمُ يا شرطيّ! من أين ظهرت!

عصا، قيود وبذلة رسمية، ابقَ بعيدًا.

لا تتدخّل، تظاهر بشرود الذهن.

 

نحن طيّبون، طيّبون نحن، نتحادثُ فقط.

انظر، يستحقّ القمر انتباهك.

يضيءُ كمجرم ويقتلنا، ببطء يقتلنا.

في الوقت الذي يختفي شخصٌ ما خلف سحابة.

 

ГОРДОСТ

Аз съм смотан,

Тя – с големи гърди.

Аз съм симпатично

Безпомощен,

Тя ме докосва

С големите си гърди.

 

Говори: помежду ни

Не може да има

Нищо сериозно

Знаеш, приятелят ми..

И пак ме докосва

С големите си гърди.

 

Аз не съм сигурен

Отблъсква ли ме?

Или ме вика по-близо.

Докато се колебая,

Тя надува корема.

И гордо съм

Баща на детето.

 

افتـــخار

أنا أبله

هي – تملك نهدين كبيرين.

أنا وسيم

بلا حول

هي لمستني

بنهديها الكبيرين

 

قالت: بيننا

لا يمكن قيام

علاقة جادّة –

تعرف هذا يا صديقي..

ثمّ لامستني ثانية

بنهديها الكبيرين؟

 

أنا لست متأكّدًا –

أتحاول هي صدّي؟

أم تدعوني لأقترب أكثر

وفي خضمّ حيرتي،

انتفخ بطنُها

وانا أفاخــر

أبًا للطفل.

 

المشاركون في هذه المحادثة

تعليقات (4)

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وفي كلتا المرتين ابتسمتِ

تسمحين لي بكلّ شيء،

كان بإمكاني قتلك، متذرّعًا

بإرادتكِ.

شكرا لك ..
أوّل مرّة أتعرف على هذا الشاعر و فعلا ما أبعد المسافة بين الملاكمة و الأدب ..
كنت أفكّر هل يصارع اللغة حين تستعصى عليه ؟
تحياتي لك و كل الشكر مرة أخرى .

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الأديبة العزيزة آسيا رحاحليه
كم نحن بحاجة لتطوير الترجمة لنتمكن من قراءة الآخرين وليتمكن الآخرون من قراءتنا. أنا شخصيًا سررت بالتعرف بهذا الشاعر، قبل أن أقرر نقله للغة العربية، وكم هو رائع المزج ما بين هوايتين لتصبح كلّ منها مكمّلة للأخرى.

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أنا أيضا سررت جدا و أشكرك من كل قلبي ..
و الترجمة ابداع لا يتأتّى لأيّ كان ..
تلاجمتك هذه هي أوّل ما بدأت به صباحي هذا ..
و هو صباح جميل ..
كنت أمزح بخصوص الملاكمة و الأدب ..

تحياتي و كل الشكر .

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دمت بمحبة عزيزتي آسيا، دام الألق لقلمك وصباحك سكر.

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الآراء الواردة في المقال لا تمثل رأي صحيفة المثقف بالضرورة، ويتحمل الكاتب جميع التبعات القانونية المترتبة عليها.

العدد: 2694 المصادف: 2014-01-20 15:57:07